समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा- जैन समाज का योगदान अतुलनीय और अनुकरणीय
मेरठ। रेलवे रोड स्थित वर्धमान एकेडमी के प्रांगण में परम पूज्य आचार्य 108 श्री सौरभ सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में भव्य धार्मिक एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) माननीय श्री असीम अरुण मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। जैन मंदिर रेलवे रोड एवं मंदिर कमिटी के पदाधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया।
समारोह में जैन समाज के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्र जैन ‘रितुराज’ ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि का अभिनंदन किया और समाज की ओर से अपने विचार रखे। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सरोकारों और समाज सेवा की भावना भी देखने को मिली।
गुरु आगमन से गूंज उठा परिसर
कार्यक्रम में परम पूज्य आचार्य 108 श्री सौरभ सागर जी महाराज के मंच पर मंगल आगमन के साथ ही पूरा प्रांगण गुरु भक्ति के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से पूज्य गुरुदेव का स्वागत किया। उनके चरणों में दीप प्रज्ज्वलित कर आरती उतारी गई।
इसके बाद आचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित किया। अपने अमृत वचनों में उन्होंने श्रद्धालुओं को सन्मार्ग, धर्म और समाज सेवा के पथ पर चलने की प्रेरणा दी तथा सभी को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।
मंत्री असीम अरुण का सम्मान
समारोह के सम्मान सत्र में जैन समाज एवं जैन बोर्डिंग हाउस सोसाइटी की ओर से मंत्री श्री असीम अरुण को पूज्य आचार्य श्री के पावन सानिध्य में शॉल, स्मृति चिन्ह और अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस दौरान जैन समाज ने मंत्री की उत्कृष्ट कार्यशैली, प्रशासनिक दक्षता, दूरदर्शिता तथा समाज सेवा के प्रति समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की। समाज की ओर से उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं तेजस्वी जीवन की मंगल कामना भी की गई।
सम्मान ग्रहण करने के बाद मंत्री श्री असीम अरुण ने पूज्य आचार्य श्री को श्रीफल अर्पित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने जैन समाज के प्रति आभार व्यक्त किया और समाज कल्याण के कार्यों में निरंतर समर्पित रहने की प्रतिबद्धता दोहराई।
शिक्षा, चिकित्सा और परोपकार में योगदान की सराहना
अपने संबोधन में मंत्री श्री असीम अरुण ने जैन समाज की धार्मिक परंपराओं के साथ उसके सामाजिक योगदान की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “जैन समाज सदैव से अहिंसा, करुणा, त्याग और उच्च नैतिक मूल्यों का प्रतीक रहा है। समाज कल्याण, शिक्षा, चिकित्सा और परोपकार के क्षेत्रों में जैन समाज का योगदान अतुलनीय और अनुकरणीय है।”
मंत्री ने कहा कि जैन समाज की सेवा भावना केवल धार्मिक मूल्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, चिकित्सा, परोपकार और समाज कल्याण जैसे क्षेत्रों में भी उसका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने जैन समाज की निस्वार्थ सेवा भावना और अनुशासित जीवनशैली की भी सराहना करते हुए कहा, “जैन समाज की निस्वार्थ सेवा भावना और अनुशासित जीवन शैली हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। मैं विश्वास दिलाता हूँ कि समाज के हर जनहितैषी प्रयास, उत्थान और कल्याणकारी कार्यों में मैं सदैव जैन समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहूँगा तथा समाज कल्याण के कार्यों में निरंतर समर्पित भाव से सहयोग करता रहूँगा।”
मंत्री श्री असीम अरुण ने जैन समाज द्वारा अहिंसा के मार्ग का अनुसरण करते हुए सामाजिक मूल्यों और जिम्मेदारियों के निर्वहन की संकल्पित जीवन शैली की भी प्रशंसा की। उन्होंने समाज की सेवा भावना को जनकल्याण के लिए प्रेरक बताया।
समाज के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित
कार्यक्रम में अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्र जैन ‘रितुराज’, सुरेंद्र जैन, योगेश जैन, नेटवर्क 10 न्यूज चैनल के डायरेक्टर नीरज जैन, समिति के समस्त पदाधिकारी तथा जैन समाज के बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
वर्धमान एकेडमी में आयोजित समारोह में धार्मिक वातावरण के साथ गुरु भक्ति, सामाजिक सम्मान और सेवा भावना का सुंदर समन्वय देखने को मिला। आचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद के बीच मंत्री श्री असीम अरुण का सम्मान किया गया।
समारोह में जैन समाज की ओर से मंत्री के कार्यों की सराहना की गई, वहीं मंत्री ने समाज की अहिंसा, करुणा, त्याग, अनुशासन और सेवा भावना को प्रेरणादायक बताते हुए जनहितैषी कार्यों में सहयोग का भरोसा दिया।
कार्यक्रम ने समाज कल्याण और सेवा के क्षेत्र में आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करने के साथ धर्म और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच बेहतर समन्वय का संदेश दिया।
भवदीय:
समस्त जैन समाज
जैन बोर्डिंग हाउस सोसाइटी
वर्धमान एकेडमी, रेलवे रोड, मेरठ